गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश का एक जिला है। हाल ही में यहां बड़ी संख्या में मॉल और मल्टीप्लेक्स खुले हैं। सड़कों को चौड़ा किया जाने के साथ जगह-जगह पर फ्लाईओवरों का निर्माण और सुधार किया जा रहा है। साथ ही ये जिला दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
नोएडा दिल्ली से सटा क्षेत्र है। इसकी जनसंख्या करीब 5 लाख है और यह 203 वर्ग किमी में फ़ैला है। इसका नाम अंग्रेज़ी के न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डवेलपमंट अथॉरिटी के संक्षिप्तीकरण से बना है। नोएडा एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक उपनगरियों में से एक है और बहुत ही कम समय में अन्तर्राष्ट्रीय क्षितिज पर अपनी पहचान बना चुका है।
ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शहर है, यह दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम की ओर स्थित है। आधिकारिक दृष्टि से यह उत्तर प्रदेश राज्य के गौतम बुद्ध नगर जिले के अन्तर्गत आता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसके निकटवर्ती ही एक अन्य उपनगर नोएडा है, जो यहाँ से दिल्ली के रास्ते में पड़ता है। ग्रेटर नोएडा जैसा कि इसका नाम है, नोएडा से भी आकार में बहुत बड़ा है। बुद्धा सर्किट ने इसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
बीते सालों में गौतमबुद्धनगर तेजी से बदला है। मेट्रो और इंडस्ट्रियल हब बनने से गौतमबुद्धनगर का नोएडा अतंरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभर चुका है। लेकिन बावजूद इसके यहां कई समस्याएं भी हैं...
बिल्डर्स और किसानों का विवादः नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कंस्ट्रक्शन के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई। मुआवजे को लेकर विवाद बढ़ा, मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। फैसला आने के बाद अब भी इस पूरे मामले में पशोपेश की स्थति बनी हुई है।
नोएडा का विकासः नोएडा जितनी तेजी से विकसित हुआ उतनी ही तेजी से यहां समस्याएं भी उठ खड़ी हुई हैं। यहां सेक्टर बिखरे हुए हैं जिससे किसी भी अंजान शख्स को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। ट्रैफिक के साथ-साथ साफ सफाई की समस्या भी यहां है।
क्राइमः क्रिमिनिल गतिविधियां यहां काफी बड़े पैमाने पर होती हैं। बिजनेस को लेकर गैंग वार की घटनाएं काफी समय से सामने आती रही हैं। कई बार इसमें निर्दोष भी जान गवां चुके हैं। धन कमाने की लालसा गुटों में दुश्मनी का बड़ा कारण है।
इतिहास
गौतम बुद्ध नगर जिला 6 सितम्बर 1997 को बना था गौतम बुद्ध जिले के अंदर दादरी, नॉएडा, ग्रेटर नॉएडा तहसील आती हैं । इसके अलावा ग़ाज़ियाबाद, सिकंदराबाद , बुलंदशहर, और खुर्जा के कुछ हिस्से भी इसके अंतर्गत आते हैं ।गौतम बुद्ध नगर का विकास
शिक्षा शिक्षा को लिहाज से ये जिला प्रदेश के कई जिलों से काफी आगे है। गौतम बुद्ध नगर जिले में 936 जूनियर बेसिक स्कूल, 337 सीनियर बेसिक स्कूल, 94 हायर सेकेंडरी स्कूल और 18 डिग्री कॉलेज हैं और एक यूनिवर्सिटी है।नोएडा दिल्ली से सटा क्षेत्र है। इसकी जनसंख्या करीब 5 लाख है और यह 203 वर्ग किमी में फ़ैला है। इसका नाम अंग्रेज़ी के न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डवेलपमंट अथॉरिटी के संक्षिप्तीकरण से बना है। नोएडा एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक उपनगरियों में से एक है और बहुत ही कम समय में अन्तर्राष्ट्रीय क्षितिज पर अपनी पहचान बना चुका है।
ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शहर है, यह दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम की ओर स्थित है। आधिकारिक दृष्टि से यह उत्तर प्रदेश राज्य के गौतम बुद्ध नगर जिले के अन्तर्गत आता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसके निकटवर्ती ही एक अन्य उपनगर नोएडा है, जो यहाँ से दिल्ली के रास्ते में पड़ता है। ग्रेटर नोएडा जैसा कि इसका नाम है, नोएडा से भी आकार में बहुत बड़ा है। बुद्धा सर्किट ने इसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
गौतम बुद्ध नगर की समस्याएं
बीते सालों में गौतमबुद्धनगर तेजी से बदला है। मेट्रो और इंडस्ट्रियल हब बनने से गौतमबुद्धनगर का नोएडा अतंरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभर चुका है। लेकिन बावजूद इसके यहां कई समस्याएं भी हैं...
बिल्डर्स और किसानों का विवादः नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कंस्ट्रक्शन के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई। मुआवजे को लेकर विवाद बढ़ा, मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। फैसला आने के बाद अब भी इस पूरे मामले में पशोपेश की स्थति बनी हुई है।
नोएडा का विकासः नोएडा जितनी तेजी से विकसित हुआ उतनी ही तेजी से यहां समस्याएं भी उठ खड़ी हुई हैं। यहां सेक्टर बिखरे हुए हैं जिससे किसी भी अंजान शख्स को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। ट्रैफिक के साथ-साथ साफ सफाई की समस्या भी यहां है।
क्राइमः क्रिमिनिल गतिविधियां यहां काफी बड़े पैमाने पर होती हैं। बिजनेस को लेकर गैंग वार की घटनाएं काफी समय से सामने आती रही हैं। कई बार इसमें निर्दोष भी जान गवां चुके हैं। धन कमाने की लालसा गुटों में दुश्मनी का बड़ा कारण है।

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