होली भारतवर्ष का एक पवित्र त्यौहार है । इस दिन भारत के लोग ईर्ष्या-गुस्सा, भेद-भाव भूल कर होली के रंग-बिरंगे रंगो में रंग जाते हैं तथा एक दूसरे को रंग लगाते है | वैसे अगर इतिहास कि बात करें तो होली का त्यौहार इसलिए बनाया जाता है क्योंकि इस दिन राजा हिरण्यकश्यप के पुत्र विष्णुभक्त प्रहलाद को जब मारने के लिए कई यातनाएं दी और हिरण्यकश्यप अपने पुत्र को मारने में असफल हो गया तो उसने प्रहलाद को मारने के लिए होलिका के साथ जला दिया । होलिका को वरदान था कि वो अग्नि में जल नहीं सकती थी पर विष्णुभक्त प्रहलाद को लेकर अग्नि में जब होलिका बैठी तो पुत्र प्रहलाद को तो कुछ नहीं हुआ पर होलिका अग्नि को सहन न कर पाई और जल गई । तब से इस दिन को होलिका दहन नाम से बनाया जाने लगा । इस दिन बुराइयों को नष्ट करने के लिए होलिका दहन किया जाता है । होलिका दहन के अगले दिन धूलहंडी मनायी जाती है जिसमे भारतवासी एक दूसरे को गुलाल लगते हैं यह त्यौहार एक दूसरे के प्रति प्रेम और सांप्रदायिक सदभाव का प्रतीक है । एक ऐसे आध्यात्मिक देश का त्यौहार है जिसे हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, ज्यादातर लोग अपने जात-पात भूलकर एक हो जाते हैं और गुजियाओं के मीठे स्वाद के साथ-साथ एक दूसरे को होली कि बधाइयां व् शुभकामनायें देते हैं ।
पूर्व, पश्चिम, उत्तर, और दक्षिण भारत के अलग-अलग भाषा, रंग, ढंग, वाले सभी भारतवासियों के लिए यह त्यौहार बहुत मायने रखता है । सबसे निराला ढंग होली मनाने का श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में नजर आता है जहाँ डंडो और पानी की बौछारों से होली खेली जाती है और श्री कृष्ण भगवान् का गुणगान किया जाता है। अगर आज के समय कि बात करें तो सिर्फ भारत ही नहीं अपितु विश्व के अमेरिका जैसे देश भी होली खेलने से खुद को रोक नहीं पाते ।
हमे गर्व होना चाहिए एक ऐसे देश का हिस्सा होने पर, भारतवासी होने पर, भारत कि जितनी बड़ाई करें उतनी ही कम है । दूसरी तरफ आज के समय में राजनीतिक विचारधारा गलत होने के कारण, और सही नियम क़ानून न बनने व न पालन करने के कारण आज भारत विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहा है । आज ऐसा राजनीतिक विकल्प चाहिए जो देश को पुनः विश्वव्यापी विकास के मार्ग पर ले जा सके और हमारे भारत के भारतवासी हमेशा ख़ुशहाल जीवन से संपन्न व रंगो से शुशोभित हों । इंडियन ओसनिक पार्टी ओजस्वी हिंदुस्तान को पुनः विकास के मार्ग पर लाने कि और अग्रसर है । आप सभी देशवासियों को इंडियन ओसनिक पार्टी कि तरफ से रंग-बिरंगी होली कि रंगभरी, हार्दिक शुभकामनायें ।
पूर्व, पश्चिम, उत्तर, और दक्षिण भारत के अलग-अलग भाषा, रंग, ढंग, वाले सभी भारतवासियों के लिए यह त्यौहार बहुत मायने रखता है । सबसे निराला ढंग होली मनाने का श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में नजर आता है जहाँ डंडो और पानी की बौछारों से होली खेली जाती है और श्री कृष्ण भगवान् का गुणगान किया जाता है। अगर आज के समय कि बात करें तो सिर्फ भारत ही नहीं अपितु विश्व के अमेरिका जैसे देश भी होली खेलने से खुद को रोक नहीं पाते ।
हमे गर्व होना चाहिए एक ऐसे देश का हिस्सा होने पर, भारतवासी होने पर, भारत कि जितनी बड़ाई करें उतनी ही कम है । दूसरी तरफ आज के समय में राजनीतिक विचारधारा गलत होने के कारण, और सही नियम क़ानून न बनने व न पालन करने के कारण आज भारत विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहा है । आज ऐसा राजनीतिक विकल्प चाहिए जो देश को पुनः विश्वव्यापी विकास के मार्ग पर ले जा सके और हमारे भारत के भारतवासी हमेशा ख़ुशहाल जीवन से संपन्न व रंगो से शुशोभित हों । इंडियन ओसनिक पार्टी ओजस्वी हिंदुस्तान को पुनः विकास के मार्ग पर लाने कि और अग्रसर है । आप सभी देशवासियों को इंडियन ओसनिक पार्टी कि तरफ से रंग-बिरंगी होली कि रंगभरी, हार्दिक शुभकामनायें ।
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